प्रधानमंत्री कृषीसिंचन योजना - पाणलोट विकास घटक २.०
- केंद्रीय भूसंसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार यांनी प्रधानमंत्री कृषी सिंचन योजना - पाणलोट विकास घटक २.० ही योजना राज्यात राबविण्यासाठी दि.३० डिसेंबर २०२१ रोजी मार्गदर्शक सूचनानुसार निर्गमित केल्या आहेत. या योजनेकरिता केंद्र व राज्य शासनाच्या निधीचे प्रमाण ६०:४० आहे.
- प्रधानमंत्री कृषीसिंचन योजना- पाणलोट विकास घटक २.० राज्यात २०२१-२२ पासून राबविली जात आहे.
योजनेचा मुख्य उद्देश:-
१) राज्यातील पडीक जमिनीचा विकास करून ग्रामीण जनतेला रोजगार, उपजिवीका, आर्थिकस्तर उंचावणे व त्यांच्या उत्पन्नात वाढ करणे. २) मृद संधारणाची कामे करून जमिनीची उत्पादकता वाढविणे.- योजनेसाठी अंमलबजावणी करणारी यंत्रणा :- जिल्हा जलसंधारण अधिकारी, मृद व जलसंधारण विभाग (राज्यस्तर).
- सदर योजनेच्या अंमलबजावणीसाठी विविध स्तरावर समित्या स्थापन करण्यात आले असून जिल्हा स्तरावर जिल्हा जलसंधारण अधिकारी व तालुका स्तरावर उपविभागीय जलसंधारण अधिकारी सदस्य सचिव आहेत.
- प्रधानमंत्री कृषी सिंचन योजना- पाणलोट विकास घटक २.० योजनेतर्गत पाणलोट घटक महत्वाचा असून माथा ते पायथा या तत्त्वावर कामे हाती घेण्यात येतात.
- या प्रादेशिक कार्यालयातील विभागीय कार्यालयांतर्गत जिल्हा जलसंधारण अधिकारी कळवा-ठाणे कार्यालयाकडून ठाणे व पालघर जिल्ह्यात, जिल्हा जलसंधारण अधिकारी रायगड कार्यालयाकडून रायगड जिल्ह्यात आणि जिल्हा जलसंधारण अधिकारी रत्नागिरी कार्यालयाकडून रत्नागिरी व सिंधुदुर्ग जिल्ह्यात प्रधानमंत्री कृषी सिंचन योजना- पाणलोट विकास घटक 2.oयोजना राबविण्यात येत आहे.
- नैसर्गिक संसाधन व्यवस्थापनाची (NRM) कामे प्रधान मंत्री कृषी सिंचन योजना पाणलोट विकास घटक २.० च्या ४७% टक्के निधीतून करावयाचे आहे.
- प्रधानमंत्री कृषीसिंचन योजना- पाणलोट विकास घटक २.० योजने अंतर्गत ठाणे विभागांतर्गत एकूण 09प्रकल्पकार्यान्वीनयंत्रणाअसुन अनुक्रमे ठाणे जिल्ह्यात ०१ व पालघर जिल्ह्यात ०८,रायगड विभागांतर्गत एकुण १० प्रकल्प कार्यान्वीन यंत्रणा व रत्नागिरी विभागांतर्गत एकूण १८ प्रकल्प कार्यान्वीन यंत्रणा असुन रत्नागिरी जिल्ह्यात ९ व सिंधुदुर्ग जिल्ह्यात ०९प्रकल्प कार्यान्वीन यंत्रणेचा समावेश आहे.
| अ.क्र. | तारीख | शीर्षक | डाउनलोड |
|---|---|---|---|
| १ | २७ एप्रिल २०२२ | केंद्र पुरस्कृत प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना-पाणलोट विकास घटक २.० अंमलबजावणी करिता केंद्र शासनाच्या मार्गदशगक सूचना २०२१ नुसार राज्यस्तरीय मान्यता समिती (SLSC) व नोडल यंत्रणा (SLNA) गठीत करणेबाबत. | डाउनलोड |
| २ | २७ एप्रिल २०२२ | केंद्र पुरस्कृत प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना-पाणलोट विकास घटक २.० अंमलबजावणी करिता केंद्र शासनाच्या मार्गदशगक सूचना २०२१ नुसार राज्यस्तरीय मान्यता समिती (SLTC) व जिल्हा पाणलोट कक्ष व माहिती कें द्र (WCDC) गठीत करणेबाबत. | डाउनलोड |
| ३ | ०६ जुलै २०२२ | प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना - पाणलोट विकास घटक २.० (PMKSY 2.0) अंतर्गत पाणलोट समिती (WC) स्थापन करणेबाबत. | डाउनलोड |
| ४ | GUIDELINES FOR NEW GENERATION WATERSHED DEVELOPMENT PROJECTS (WDC-PMKSY 2.0) | डाउनलोड |
| पाणलोट विकास घटक प्रधानमंत्री कृषी सिंचन योजना 2.0 – नैसर्गिक संसाधन व्यवस्थापन | |||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ. क्रं. | जिल्ह्याचे नाव | एकूण प्रकल्प संख्या | प्रकल्प मूल्य रक्कम (रु. लाख) | आज पर्यंत झालेला खर्च (रु. लाखात) |
खर्चाची टक्केवारी (%) | ||
| एकूण | NRM (47%) | ||||||
| 1 | पालघर | 8 | 7302.24 | 3432.05 | 2017.31 | 58.78 | |
| 2 | रायगड | 10 | 11582.95 | 5443.99 | 3338.31 | 61.32 | |
| 3 | रत्नागिरी | 9 | 8985.93 | 4223.39 | 1945.25 | 46.06 | |
| 4 | सिंधुदुर्ग | 9 | 9739.68 | 4577.65 | 3068.11 | 67.02 | |
| 5 | ठाणे | 1 | 763.69 | 358.93 | 233.02 | 64.92 | |
| एकूण | 37 | 38374.49 | 18036.01 | 10602 | 58.78 | ||
| उत्पादन पद्धती घटकांतर्गत वैयक्तिक लाभार्थी अर्ज व खर्चाचा तपशील | |||||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ. क्रं. | जिल्ह्याचे नाव | लक्षांक रक्कम (रु. लक्ष) |
एकूण अर्ज | झालेला खर्च (रु. लक्ष) |
खर्चाची टक्केवारी |
||||
| प्राप्त | मंजूर | रद्द | प्रलंबित | ||||||
| 1 | पालघर | 715.61 | 2225 | 1940 | 269 | 16 | 409.09 | 57.17 | |
| 2 | रायगड | 1135.19 | 3007 | 3007 | 0 | 0 | 1135.19 | 100 | |
| 3 | रत्नागिरी | 880.67 | 2121 | 2081 | 40 | 0 | 622.72 | 70.71 | |
| 4 | सिंधुदुर्ग | 954.54 | 2494 | 2494 | 0 | 0 | 954.54 | 100 | |
| 5 | ठाणे | 74.85 | 316 | 306 | 5 | 5 | 60.25 | 80.49 | |
| TOTAL | 3760.86 | 10163 | 9828 | 314 | 21 | 3181.79 | 84.6 | ||




